शुभ समय

आज का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली · शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 · Read in English

शुभ मुहूर्त का अर्थ है ऐसा समय जिसकी ग्रह-स्थिति और पंचांग के गुण किसी काम की अच्छी शुरुआत के लिए अनुकूल हों। एक दिन में एक नहीं, कई नामित शुभ मुहूर्त होते हैं और हर एक का अपना स्वभाव है: भोर से पहले का ब्रह्म मुहूर्त अध्ययन और ध्यान के लिए, दोपहर का अभिजीत और उसके बाद का विजय मुहूर्त निर्णायक कामों के लिए, अमृत काल लगभग हर शुभ काम के लिए, शाम का गोधूलि मुहूर्त विवाह के लिए और आधी रात का निशिता मुहूर्त विशेष पूजा-व्रत के लिए। ऊपर के कार्ड में आपके शहर के लिए आज के सभी शुभ मुहूर्त का समय दिया गया है।

आज के शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त04:40 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त11:46 – 12:33
विजय मुहूर्त11:47 – 12:33
अमृत काल16:05 – 17:36
गोधूलि मुहूर्त17:50 – 18:14
निशिता मुहूर्त23:46 – 00:35 (अगले दिन)

इनसे बचें — अशुभ काल

राहु काल09:14 – 10:42
यमगंड13:37 – 15:05
गुलिक काल06:18 – 07:46

दिन के नामित शुभ मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले का अंतिम पहर है, जिसे साधना, पढ़ाई और साफ़ सोच के लिए सबसे अच्छा माना गया है। अभिजीत मुहूर्त स्थानीय दोपहर के आसपास आता है और दिन का सबसे भरोसेमंद सामान्य मुहूर्त है। विजय मुहूर्त दोपहर बाद आता है; इसके नाम का अर्थ ही जीत है, इसलिए इसे उन कामों के लिए चुना जाता है जिनमें विरोध पार करना हो। अमृत काल सूर्य से नहीं बल्कि उस दिन के नक्षत्र से निकलता है और लगभग हर शुभ काम के लिए अनुकूल है। गोधूलि मुहूर्त सूर्यास्त का वह समय है जब गायें चरकर घर लौटती हैं — विवाह और घर से जुड़े कामों का पारंपरिक समय। निशिता मुहूर्त आधी रात के आसपास होता है और कुछ खास व्रत-पूजा के लिए रखा जाता है।

ये सभी समय सूर्योदय, सूर्यास्त और नक्षत्र से निकलते हैं, इसलिए साल भर बदलते रहते हैं और हर शहर में अलग होते हैं। यही कारण है कि ऊपर की सूची हर दिन नए सिरे से बनती है।

आज का समय चुनना बनाम बड़े अवसर की तारीख चुनना

आज का शुभ मुहूर्त बताता है कि दिन में कब शुरुआत करें — आम तौर पर अभिजीत, अमृत काल या विजय मुहूर्त में, राहु काल और अशुभ चौघड़िया से बचते हुए। विवाह, गृह प्रवेश या नए व्यापार जैसे बड़े अवसर की तारीख चुनना मुहूर्त शास्त्र का बड़ा विषय है: उसमें तिथि, नक्षत्र, वार, योग, करण और निजी अवसर के लिए व्यक्ति की कुंडली — सब एक साथ देखे जाते हैं। इसका आधार पंचांग शुद्धि है, यानी पंचांग के पाँचों अंग दोषरहित हों।

विवाह मुहूर्त और गृह प्रवेश मुहूर्त कैसे चुने जाते हैं

विवाह के लिए शास्त्रीय सूचियाँ ग्यारह नक्षत्रों को शुभ मानती हैं — रोहिणी, मृगशिरा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती — और रिक्ता तिथियाँ (चतुर्थी, नवमी, चतुर्दशी) तथा अमावस्या छोड़ दी जाती हैं। नए घर में प्रवेश के लिए स्थिर और सौम्य नक्षत्र पसंद किए जाते हैं, जैसे रोहिणी, मृगशिरा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, अनुराधा, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद और रेवती।

किसी एक दिन को परखने से पहले साल के कई हिस्से पूरी तरह हट जाते हैं। खरमास — जब सूर्य धनु और फिर मीन राशि में रहता है — उत्तर भारत की परंपरा में विवाह के लिए वर्जित है। देवशयनी से देवउठनी एकादशी तक के चातुर्मास में भी विवाह नहीं होते, और जब गुरु या शुक्र अस्त हों, यानी सूर्य के बहुत पास होने से दिखाई न दें, तब भी विवाह टाला जाता है, क्योंकि ये दोनों ग्रह विवाह के कारक माने जाते हैं।

इन छलनियों के बाद जो तारीखें बचती हैं, उन्हें भी दोनों पक्षों की कुंडली से मिलाकर देखा जाता है। इसीलिए यह पेज शादी की तारीखों की सूची नहीं छापता, बल्कि आज के शुभ समय दिखाता है।

ऊपर दिए मुहूर्त कैसे पढ़ें

काम के स्वभाव के हिसाब से मुहूर्त चुनें: पढ़ाई या साधना के लिए ब्रह्म मुहूर्त, सामान्य शुरुआत के लिए अभिजीत, जहाँ विरोध की आशंका हो वहाँ विजय, और घर-परिवार या विवाह से जुड़े कामों के लिए गोधूलि। अगर कोई शुभ मुहूर्त राहु काल से टकरा रहा हो तो उसका असर कम माना जाता है। जब कई लोगों को एक साथ कोई काम करना हो, तो दोपहर का अभिजीत सबसे आसानी से तय हो जाता है, क्योंकि उसके लिए दिन के अलावा कुछ और नहीं देखना पड़ता।

ये पारंपरिक वर्गीकरण केवल संदर्भ के लिए हैं, व्यक्तिगत भविष्यवाणी नहीं; किसी सचमुच बड़े अवसर के लिए पूरा मुहूर्त निकलवाना ही ठीक रहता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

शुभ मुहूर्त क्या होता है?

दिन के भीतर किसी काम की शुरुआत के लिए अनुकूल समय। एक दिन में कई शुभ मुहूर्त होते हैं — ब्रह्म मुहूर्त, अभिजीत, विजय, अमृत काल, गोधूलि और निशिता — जिनका आज का समय ऊपर दिया गया है।

सामान्य काम के लिए कौन सा मुहूर्त सबसे अच्छा है?

दोपहर के आसपास का अभिजीत मुहूर्त सबसे भरोसेमंद माना जाता है, उसके बाद अमृत काल और विजय मुहूर्त। ध्यान रखें कि चुना हुआ समय राहु काल से न टकराए।

किन दिनों में विवाह मुहूर्त नहीं होता?

परंपरा के अनुसार खरमास (जब सूर्य धनु या मीन राशि में हो), चातुर्मास, और जब गुरु या शुक्र अस्त हों — इन दिनों में विवाह मुहूर्त नहीं निकाला जाता।

क्या यह पेज शादी की तारीख बता सकता है?

यह पेज आज के शुभ समय बताता है। विवाह या गृह प्रवेश की तारीख चुनना अलग विषय है, जिसमें तिथि, नक्षत्र, वार और दोनों व्यक्तियों की कुंडली देखी जाती है।

आज का पूरा पंचांग भी देखें — या चौघड़िया · राहु काल · अभिजीत मुहूर्त।

समय आपके चुने हुए शहर के लिए शास्त्रीय वैदिक गणना (लाहिरी अयनांश, दृक्) से निकाले गए हैं। शुभ और अशुभ समय पारंपरिक वर्गीकरण हैं, जो संदर्भ के लिए दिए गए हैं — ये व्यक्तिगत भविष्यवाणी नहीं हैं।