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वाहन खरीद मुहूर्त 2026: गाड़ी खरीदने की महीनेवार शुभ तारीखें

बहुत से परिवार नई कार, स्कूटर या मोटरसाइकिल उसी दिन घर लाना पसंद करते हैं जिसे पंचांग शुभ बताए। इस पृष्ठ पर 2026 की वे तारीखें महीनेवार दी गई हैं जो वाहन खरीदने की शास्त्रीय शर्तें पूरी करती हैं, और इनकी गणना नई दिल्ली के लिए की गई है। नीचे इन शर्तों को समझाया गया है, ताकि आप देख सकें कि कोई दिन सूची में क्यों है और अगला दिन क्यों नहीं।

2026 में 12 महीनों की 83 तारीखें नई दिल्ली के लिए शास्त्रीय शर्तें पूरी करती हैं।

नई दिल्ली के लिए शास्त्रीय शर्तों (नक्षत्र, तिथि, वार, पितृ पक्ष, अधिक मास) को पूरा करने वाली तिथियाँ, एक प्रकाशित पंचांग से मिलान सहित; समय शहर के अनुसार बदलता है।

महीनेवार तारीखें

नीचे की हर तारीख ये शर्तें पूरी करती है:

  • पितृ पक्ष के बाहर
  • अधिक मास नहीं
  • दिन के समय (सूर्योदय से सूर्यास्त के बीच)

दिन का वह समय (सूर्योदय से सूर्यास्त) जब नक्षत्र और तिथि दोनों शर्तें लागू हों (नई दिल्ली, भारतीय समय)

जनवरी 2026 (9 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
गुरुवार, 1 जनवरी 20261 जनवरी, 07:18 से 17:31 तक
  • नक्षत्र रोहिणी
  • तिथि शुक्ल त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 4 जनवरी 20264 जनवरी, 07:19 से 12:31 तक
  • नक्षत्र पुनर्वसु
  • तिथि कृष्ण प्रतिपदा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 5 जनवरी 20265 जनवरी, 09:58 से 13:25 तक
  • नक्षत्र पुष्य
  • तिथि कृष्ण तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 11 जनवरी 202611 जनवरी, 07:19 से 10:21 तक
  • नक्षत्र चित्रा
  • तिथि कृष्ण अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 12 जनवरी 202612 जनवरी, 12:44 से 17:40 तक
  • नक्षत्र स्वाती
  • तिथि कृष्ण दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 14 जनवरी 202614 जनवरी, 07:19 से 17:41 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि कृष्ण एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 21 जनवरी 202621 जनवरी, 07:18 से 13:58 तक
  • नक्षत्र धनिष्ठा
  • तिथि शुक्ल तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 28 जनवरी 202628 जनवरी, 09:27 से 16:37 तक
  • नक्षत्र रोहिणी
  • तिथि शुक्ल दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 29 जनवरी 202629 जनवरी, 07:32 से 13:56 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि शुक्ल एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

फरवरी 2026 (5 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
रविवार, 1 फरवरी 20261 फरवरी, 07:13 से 17:56 तक
  • नक्षत्र पुष्य
  • तिथि शुक्ल पूर्णिमा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 6 फरवरी 20266 फरवरी, 07:10 से 18:00 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि कृष्ण पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 11 फरवरी 202611 फरवरी, 10:00 से 10:53 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि कृष्ण दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 26 फरवरी 202626 फरवरी, 06:53 से 12:12 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि शुक्ल दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 27 फरवरी 202627 फरवरी, 10:49 से 18:16 तक
  • नक्षत्र पुनर्वसु
  • तिथि शुक्ल एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

मार्च 2026 (9 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
रविवार, 1 मार्च 20261 मार्च, 06:50 से 08:34 तक
  • नक्षत्र पुष्य
  • तिथि शुक्ल त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 5 मार्च 20265 मार्च, 08:18 से 17:05 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि कृष्ण द्वितीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 6 मार्च 20266 मार्च, 09:30 से 17:55 तक
  • नक्षत्र चित्रा
  • तिथि कृष्ण तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 8 मार्च 20268 मार्च, 06:43 से 13:32 तक
  • नक्षत्र स्वाती
  • तिथि कृष्ण पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 9 मार्च 20269 मार्च, 16:12 से 18:22 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि कृष्ण षष्ठी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 15 मार्च 202615 मार्च, 09:18 से 18:26 तक
  • नक्षत्र श्रवण
  • तिथि कृष्ण द्वादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 16 मार्च 202616 मार्च, 09:42 से 18:26 तक
  • नक्षत्र धनिष्ठा
  • तिथि कृष्ण त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 25 मार्च 202625 मार्च, 06:23 से 13:51 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि शुक्ल सप्तमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 27 मार्च 202627 मार्च, 10:08 से 15:24 तक
  • नक्षत्र पुनर्वसु
  • तिथि शुक्ल दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

अप्रैल 2026 (9 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
बुधवार, 1 अप्रैल 20261 अप्रैल, 16:18 से 18:35 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि शुक्ल पूर्णिमा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 2 अप्रैल 20262 अप्रैल, 07:43 से 17:39 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि कृष्ण प्रतिपदा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 3 अप्रैल 20263 अप्रैल, 08:44 से 18:36 तक
  • नक्षत्र चित्रा
  • तिथि कृष्ण द्वितीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 6 अप्रैल 20266 अप्रैल, 14:12 से 18:38 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि कृष्ण पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 12 अप्रैल 202612 अप्रैल, 06:03 से 15:14 तक
  • नक्षत्र श्रवण
  • तिथि कृष्ण दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 13 अप्रैल 202613 अप्रैल, 06:02 से 16:04 तक
  • नक्षत्र धनिष्ठा
  • तिथि कृष्ण एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 20 अप्रैल 202620 अप्रैल, 05:55 से 07:29 तक
  • नक्षत्र रोहिणी
  • तिथि शुक्ल तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 24 अप्रैल 202624 अप्रैल, 05:51 से 18:48 तक
  • नक्षत्र पुष्य
  • तिथि शुक्ल अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 29 अप्रैल 202629 अप्रैल, 05:46 से 18:51 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि शुक्ल त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

मई 2026 (5 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
शुक्रवार, 1 मई 20261 मई, 05:45 से 18:52 तक
  • नक्षत्र स्वाती
  • तिथि शुक्ल पूर्णिमा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 4 मई 20264 मई, 05:42 से 09:58 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि कृष्ण तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 10 मई 202610 मई, 05:38 से 15:08 तक
  • नक्षत्र धनिष्ठा
  • तिथि कृष्ण अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 11 मई 202611 मई, 15:26 से 18:58 तक
  • नक्षत्र शतभिषा
  • तिथि कृष्ण दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 14 मई 202614 मई, 11:22 से 19:00 तक
  • नक्षत्र रेवती
  • तिथि कृष्ण त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

जून 2026 (4 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
बुधवार, 17 जून 202617 जून, 05:27 से 13:37 तक
  • नक्षत्र पुनर्वसु
  • तिथि शुक्ल तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 22 जून 202622 जून, 10:23 से 15:41 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि शुक्ल अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 24 जून 202624 जून, 05:29 से 13:59 तक
  • नक्षत्र चित्रा
  • तिथि शुक्ल दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 25 जून 202625 जून, 05:29 से 16:29 तक
  • नक्षत्र स्वाती
  • तिथि शुक्ल एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

जुलाई 2026 (9 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
गुरुवार, 2 जुलाई 20262 जुलाई, 09:39 से 19:19 तक
  • नक्षत्र श्रवण
  • तिथि कृष्ण तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 3 जुलाई 20263 जुलाई, 05:32 से 11:22 तक
  • नक्षत्र श्रवण
  • तिथि कृष्ण तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 5 जुलाई 20265 जुलाई, 05:33 से 13:32 तक
  • नक्षत्र शतभिषा
  • तिथि कृष्ण पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 8 जुलाई 20268 जुलाई, 05:34 से 12:23 तक
  • नक्षत्र रेवती
  • तिथि कृष्ण अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 12 जुलाई 202612 जुलाई, 08:29 से 19:18 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि कृष्ण त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 19 जुलाई 202619 जुलाई, 18:12 से 19:15 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि शुक्ल षष्ठी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 24 जुलाई 202624 जुलाई, 09:14 से 19:13 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि शुक्ल एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 29 जुलाई 202629 जुलाई, 15:37 से 19:10 तक
  • नक्षत्र श्रवण
  • तिथि शुक्ल पूर्णिमा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 30 जुलाई 202630 जुलाई, 05:45 से 17:44 तक
  • नक्षत्र श्रवण
  • तिथि कृष्ण प्रतिपदा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

अगस्त 2026 (9 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
रविवार, 9 अगस्त 20269 अगस्त, 05:51 से 11:06 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि कृष्ण एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 10 अगस्त 202610 अगस्त, 12:27 से 19:01 तक
  • नक्षत्र पुनर्वसु
  • तिथि कृष्ण त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 16 अगस्त 202616 अगस्त, 16:54 से 18:56 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि शुक्ल पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 17 अगस्त 202617 अगस्त, 05:55 से 17:01 तक
  • नक्षत्र चित्रा
  • तिथि शुक्ल पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 20 अगस्त 202620 अगस्त, 09:08 से 18:52 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि शुक्ल अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 26 अगस्त 202626 अगस्त, 06:00 से 08:00 तक
  • नक्षत्र श्रवण
  • तिथि शुक्ल त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 27 अगस्त 202627 अगस्त, 09:10 से 18:45 तक
  • नक्षत्र धनिष्ठा
  • तिथि शुक्ल पूर्णिमा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 28 अगस्त 202628 अगस्त, 09:49 से 18:44 तक
  • नक्षत्र शतभिषा
  • तिथि कृष्ण प्रतिपदा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 31 अगस्त 202631 अगस्त, 06:02 से 08:52 तक
  • नक्षत्र रेवती
  • तिथि कृष्ण तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

सितंबर 2026 (7 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
शुक्रवार, 4 सितंबर 20264 सितंबर, 06:04 से 18:36 तक
  • नक्षत्र रोहिणी
  • तिथि कृष्ण अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 7 सितंबर 20267 सितंबर, 06:06 से 17:05 तक
  • नक्षत्र पुनर्वसु
  • तिथि कृष्ण एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 13 सितंबर 202613 सितंबर, 07:10 से 13:07 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि शुक्ल तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 14 सितंबर 202614 सितंबर, 06:09 से 07:08 तक
  • नक्षत्र चित्रा
  • तिथि शुक्ल तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 16 सितंबर 202616 सितंबर, 17:23 से 18:21 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि शुक्ल षष्ठी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 17 सितंबर 202617 सितंबर, 10:49 से 18:20 तक
  • नक्षत्र अनुराधा
  • तिथि शुक्ल सप्तमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 24 सितंबर 202624 सितंबर, 10:35 से 18:12 तक
  • नक्षत्र शतभिषा
  • तिथि शुक्ल त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

अक्टूबर 2026 (5 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
बुधवार, 21 अक्टूबर 202621 अक्टूबर, 06:29 से 14:13 तक
  • नक्षत्र धनिष्ठा
  • तिथि शुक्ल दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 22 अक्टूबर 202622 अक्टूबर, 06:30 से 14:49 तक
  • नक्षत्र शतभिषा
  • तिथि शुक्ल एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 25 अक्टूबर 202625 अक्टूबर, 11:57 से 17:38 तक
  • नक्षत्र रेवती
  • तिथि शुक्ल पूर्णिमा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 28 अक्टूबर 202628 अक्टूबर, 13:26 से 17:36 तक
  • नक्षत्र रोहिणी
  • तिथि कृष्ण तृतीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 30 अक्टूबर 202630 अक्टूबर, 06:35 से 09:05 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि कृष्ण पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

नवंबर 2026 (5 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
रविवार, 1 नवंबर 20261 नवंबर, 06:37 से 14:53 तक
  • नक्षत्र पुष्य
  • तिथि कृष्ण सप्तमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 6 नवंबर 20266 नवंबर, 10:32 से 17:29 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि कृष्ण त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 25 नवंबर 202625 नवंबर, 06:56 से 16:51 तक
  • नक्षत्र रोहिणी
  • तिथि कृष्ण प्रतिपदा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 26 नवंबर 202626 नवंबर, 06:56 से 13:16 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि कृष्ण द्वितीया (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 29 नवंबर 202629 नवंबर, 06:59 से 11:00 तक
  • नक्षत्र पुष्य
  • तिथि कृष्ण षष्ठी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

दिसंबर 2026 (7 तारीखें)

तारीखसमय (IST)पूरी होने वाली शर्तें
गुरुवार, 3 दिसंबर 20263 दिसंबर, 09:24 से 17:20 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि कृष्ण दशमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
शुक्रवार, 4 दिसंबर 20264 दिसंबर, 10:23 से 17:20 तक
  • नक्षत्र चित्रा
  • तिथि कृष्ण एकादशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • शुक्रवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
रविवार, 6 दिसंबर 20266 दिसंबर, 07:04 से 13:38 तक
  • नक्षत्र स्वाती
  • तिथि कृष्ण त्रयोदशी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • रविवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
सोमवार, 14 दिसंबर 202614 दिसंबर, 09:12 से 17:22 तक
  • नक्षत्र धनिष्ठा
  • तिथि शुक्ल पंचमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • सोमवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 23 दिसंबर 202623 दिसंबर, 10:48 से 17:26 तक
  • नक्षत्र मृगशिरा
  • तिथि शुक्ल पूर्णिमा (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
बुधवार, 30 दिसंबर 202630 दिसंबर, 15:37 से 17:30 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि कृष्ण अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • बुधवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)
गुरुवार, 31 दिसंबर 202631 दिसंबर, 07:18 से 12:34 तक
  • नक्षत्र हस्त
  • तिथि कृष्ण अष्टमी (रिक्ता और अमावस्या नहीं)
  • गुरुवार (मंगलवार और शनिवार वर्जित)

वाहन के लिए अलग मुहूर्त क्यों देखा जाता है

मुहूर्त ग्रंथ वाहन को उन चीज़ों में गिनते हैं जो हमें एक जगह से दूसरी जगह ले जाती हैं — पुराने समय में रथ, पालकी, घोड़ा और बैलगाड़ी — और वाहन लेने का दिन लगभग उसी तरह परखते हैं जैसे यात्रा पर निकलने का दिन। ज़ोर सुरक्षित आवागमन और लंबे समय तक ठीक चलने पर है, इसलिए यहाँ वे नक्षत्र पसंद किए जाते हैं जो गति और जल्दी फल देने से जुड़े हैं, न कि वे स्थिर नक्षत्र जो घर के लिए चुने जाते हैं।

वाहन खरीदना सोलह संस्कारों में से कोई संस्कार नहीं है। पंचांग के हिसाब से इसका बड़ा अर्थ है: विवाह और गृह प्रवेश को रोकने वाली लंबी मौसमी अवधियाँ अपने आप में कार या बाइक की खरीद को नहीं रोकतीं। इसलिए इस पृष्ठ की सूची साल के ज़्यादातर हिस्से में फैली है, और केवल वहीं कम होती है जहाँ नक्षत्र, तिथि या वार की शर्त पूरी न हो, पितृ पक्ष चल रहा हो या अधिक मास हो।

वाहन खरीदने के लिए शुभ नक्षत्र

कुल तेरह नक्षत्र लिए जाते हैं। पाँच चर यानी गतिशील नक्षत्र हैं — पुनर्वसु, स्वाति, श्रवण, धनिष्ठा और शतभिषा — जिनका नाम ही यात्रा की ओर संकेत करता है। तीन क्षिप्र या लघु नक्षत्र हैं — अश्विनी, पुष्य और हस्त — जो उन कामों के लिए चुने जाते हैं जिनका फल जल्दी चाहिए। चार मृदु नक्षत्र हैं — मृगशिरा, चित्रा, अनुराधा और रेवती — और रोहिणी इस सूची को पूरा करता है।

हर तरह की खरीदारी के लिए पुष्य नक्षत्र का विशेष स्थान है। गुरुवार को पुष्य हो तो उसे गुरु पुष्य योग और रविवार को हो तो रवि पुष्य योग कहा जाता है, और सोना, संपत्ति और वाहन खरीदने के लिए लोग इन दोनों दिनों की खास प्रतीक्षा करते हैं। चंद्रमा लगभग एक दिन एक नक्षत्र में रहता है, इसलिए शुभ नक्षत्र प्रायः दिन के कुछ ही हिस्से में होता है। यही कारण है कि इस पृष्ठ की तालिका केवल तारीख नहीं, समय की अवधि भी बताती है।

तिथि और वार

रिक्ता तिथियों — दोनों पक्षों की चतुर्थी, नवमी और चतुर्दशी — और अमावस्या को छोड़कर हर तिथि स्वीकार की जाती है। रिक्ता का अर्थ है खाली, और जो चीज़ भरी-पूरी और टिकाऊ चाहिए, उसके लिए शास्त्र इन तिथियों से बचते हैं। कुछ पंचांग इस सूची को और छोटा करते हैं, जैसे द्वितीया, सप्तमी या द्वादशी को भी छोड़ देते हैं, और यह भी एक कारण है कि अलग-अलग पंचांगों की तारीखें हूबहू नहीं मिलतीं।

मंगलवार और शनिवार टाले जाते हैं। मंगलवार मंगल ग्रह का दिन है, जिसे आग, दुर्घटना और मशीन पर ज़ोर से जोड़ा जाता है, और शनिवार शनि का, जिसे देरी और घिसावट से जोड़ा जाता है; नए वाहन की पहली सवारी के लिए इनमें से कोई दिन नहीं चाहा जाता। रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार सभी मान्य हैं, और इनमें गुरुवार और शुक्रवार विशेष रूप से लोकप्रिय हैं।

पितृ पक्ष, अधिक मास और मौसम

दो अवधियाँ छोड़ी जाती हैं। शारदीय नवरात्रि से पहले का पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित पखवाड़ा है, और उत्तर भारत के अधिकांश घरों में इस दौरान नई खरीदारी नहीं की जाती; इसलिए सूची में इसके भीतर कोई तारीख नहीं है। अधिक मास, जिसे मल मास भी कहते हैं और जो ऋतुओं से तालमेल बनाए रखने के लिए पंचांग में जोड़ा गया अतिरिक्त चंद्र मास होता है, आम तौर पर हर नई शुरुआत के लिए टाला जाता है।

खरमास, चातुर्मास और बृहस्पति या शुक्र के अस्त होने को इस सूची में लागू नहीं किया गया है, क्योंकि इनसे जुड़े शास्त्रीय निषेध विवाह, घर से जुड़े संस्कारों और दूसरे संस्कारों के लिए हैं। फिर भी कुछ परिवार बड़ी खरीदारी के लिए खरमास से बचना पसंद करते हैं; अगर आपके यहाँ यही रीति है, तो मध्य दिसंबर से मध्य जनवरी और मध्य मार्च से मध्य अप्रैल तक की तारीखें छोड़ दें। धनतेरस, दशहरा, अक्षय तृतीया और गुड़ी पड़वा जैसे पर्वों को बहुत से लोग वाहन खरीदने के लिए अबूझ मुहूर्त मानते हैं, चाहे पंचांग के बाकी अंग कुछ भी कहें।

डिलीवरी का समय और व्यक्तिगत जाँचें

सूची के किसी दिन के भीतर, इस पृष्ठ पर दी गई समय-अवधि दिन के उजाले तक सीमित है, क्योंकि वाहन असल में दिन में ही खरीदा, रजिस्टर किया और घर लाया जाता है। बहुत से खरीदार इस अवधि में भी राहुकाल से बचते हैं और अच्छा चौघड़िया चुनते हैं; ये दोनों हर दिन बदलते हैं और इस साइट के राहुकाल और चौघड़िया पृष्ठों पर आपके अपने शहर के लिए दिए गए हैं।

किसी एक व्यक्ति के लिए समय तय करते हुए पुरोहित यह भी देखते हैं कि उस दिन चंद्रमा खरीदार की चंद्र राशि से किस स्थान पर है, जिसे चंद्र बल कहते हैं, और दिन का नक्षत्र खरीदार के जन्म नक्षत्र से गिनकर तारा बल देखते हैं। ये जाँचें खरीदार की कुंडली पर निर्भर हैं, इसलिए सामान्य सूची इन्हें लागू नहीं कर सकती। यहाँ दी गई तारीखों को वे दिन समझें जिन पर पंचांग की शर्तें पूरी होती हैं; अंतिम चुनाव आपका या आपके कुल पुरोहित का है।

इस पृष्ठ की तारीखें कैसे पढ़ें

पंचांग का दिन सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक माना गया है, और हर तारीख की गणना नई दिल्ली के लिए है। तिथि और नक्षत्र निश्चित क्षण पर बदलते हैं, इसलिए दूसरे शहरों में उसी तारीख का शुभ समय थोड़ा आगे-पीछे होता है, और जो तारीख दिल्ली में बहुत कम अंतर से शर्तें पूरी करती है, वह देश के सुदूर पूर्व या दक्षिण में शायद पूरी न करे।

सूची की हर तारीख नई दिल्ली के लिए एक प्रकाशित पंचांग की वाहन खरीद सूची में भी मौजूद है। जो तारीखें यहाँ की शर्तें पूरी करती हैं पर उस सूची में नहीं हैं, प्रायः इसलिए कि वह तिथियों या नक्षत्रों का और छोटा समूह लेती है, उन्हें नहीं दिखाया गया है। इस तरह तालिका कम लेकिन भरोसेमंद तारीखें दिखाने की ओर झुकी है।

वाहन खरीद मुहूर्त 2026: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

2026 में कार या बाइक खरीदने की सबसे अच्छी तारीखें कौन-सी हैं?

2026 में नई दिल्ली के लिए शास्त्रीय शर्तें पूरी करने वाली तारीखें इन महीनों में हैं: जनवरी, फरवरी, मार्च, अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर, दिसंबर। इस पृष्ठ की महीनेवार तालिका में 2026 की वे सभी तारीखें हैं जो नई दिल्ली के लिए शास्त्रीय शर्तें पूरी करती हैं, साथ में वह अवधि भी जब नक्षत्र और तिथि दोनों की शर्त लागू हो। पुष्य नक्षत्र वाली तारीखें, खासकर गुरुवार को, सबसे अधिक पसंद की जाती हैं।

क्या खरमास या चातुर्मास में वाहन खरीद सकते हैं?

खरमास और चातुर्मास के शास्त्रीय निषेध विवाह और घर से जुड़े संस्कारों के लिए हैं, इसलिए यह सूची वाहन के लिए इन्हें नहीं हटाती। जो परिवार कड़ी रीति मानते हैं, वे उन हफ़्तों को छोड़ देते हैं।

पितृ पक्ष में कोई तारीख क्यों नहीं है?

पितृ पक्ष पूर्वजों के सम्मान का पखवाड़ा है, और उत्तर भारत के अधिकतर परिवार इसमें कोई नई शुरुआत या नया वाहन खरीदने से बचते हैं। सूची में यह पूरा पखवाड़ा छोड़ा गया है।

क्या मंगलवार या शनिवार को गाड़ी खरीदना ठीक नहीं है?

परंपरा से नए वाहन के लिए दोनों दिन टाले जाते हैं — मंगलवार मंगल का दिन है और शनिवार शनि का। रविवार, सोमवार, बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार मान्य हैं।

क्या तारीख के साथ डिलीवरी का समय भी मायने रखता है?

हाँ। सूची में दी गई अवधि दिन के उजाले का वह समय है जब नक्षत्र और तिथि की शर्तें लागू हों। उसके भीतर बहुत से खरीदार राहुकाल से बचकर अच्छे चौघड़िया में डिलीवरी लेते हैं।

क्या धनतेरस और अक्षय तृतीया वाहन खरीदने के लिए शुभ हैं?

बहुत से परिवार धनतेरस, दशहरा और अक्षय तृतीया जैसे पर्वों को खरीदारी के लिए अबूझ मुहूर्त मानते हैं। तालिका में ये दिन तभी दिखते हैं जब वे यहाँ लागू की गई शर्तें भी पूरी करें।

क्या ये तारीखें नई दिल्ली के बाहर भी लागू होती हैं?

मोटे तौर पर स्थिति पूरे भारत में एक जैसी रहती है, लेकिन नक्षत्र और तिथि निश्चित क्षणों पर बदलते हैं और सूर्योदय जगह के अनुसार अलग होता है, इसलिए शुभ समय शहर-दर-शहर थोड़ा खिसकता है।

यह सूची हर परिवार के लिए एक सामान्य शुरुआती सूची है। वर-वधू या घर के सदस्यों की कुंडली से तारा बल, चंद्र बल और लग्न देखकर समय चुनना व्यक्तिगत काम है।

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